हेलो दोस्तों कैसे हैं। आप सभी आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे कि यदि मोबाइल न होता पर निबंध। और जानेंगे कि मोबाइल होने से क्या क्या फायदे एवं क्या नुकसान हैं।
मोबाइल फोन के दुष्परिणाम
यदि मोबाइल न होता तो आज का युग इतना आधुनिक युग नहीं होता। इस संसार में प्रत्येक वस्तु का कोई लाभ तो कोई हानि होती है। उसी तरह मोबाइल फोन के बहुत सारे लाभ है। तो दूसरी ओर इस मोबाइल फोन के अनेकों नुकसान भी हैं।
आज के इस युग को आधुनिक युग में परिवर्तित करने में मोबाइल फोन कहीं ना कहीं बहुत बड़ी भूमिका अदा करता है। विकास की राह पर आज अधिकतर सभी वस्तुएं डिजिटल हो गई हैं। यदि यह मोबाइल न होता तो डिजिटल क्रांति लाना असंभव था। क्योंकि मोबाइल फोन ही है। जिसके द्वारा हम ऑनलाइन पैसा लेन देन कर सकते हैं।
हम इसके द्वारा खाना ऑर्डर कर सकते हैं। हम इसके द्वारा ऑनलाइन कपड़े मंगवा सकते हैं। हम यात्रा के तमाम साधनों रेल यात्रा हवाई यात्रा हो या बस यात्रा इन सभी यात्राओं को हम करने से पूर्व हम अपनी सीट रिजर्व कर सकते हैं। जिससे हमें कठिनाई ना हो। इसी तरह मोबाइल फोन के अनेकों लाभ हैं।
यह सभी सुविधाएं हमें आज इस आधुनिक स्मार्टफोन में उपलब्ध हैं। यदि हम उस जमाने के पुराने कीपैड फोन की बात करें तो वह इस स्मार्टफोन की तरह स्मार्ट नहीं था। परंतु उस समय उस फोन पर बात करना ही बहुत बड़ी बात थी। लोग अपने रिश्तेदारों से बात करने के लिए पीसीओ के सामने लंबी कतार में खड़े रहते थे।
इसके पहले जब फोन नहीं हुआ करता था। तो एक दूसरे तक संदेश पहुंचाना बहुत कठिन था। यदि किसी को संदेश पहुंचाना होता था। तो उसके लिए पोस्टमैन के द्वारा संदेश भेजा जाता था। और उस संदेश को पहुंचने में कुछ दिन लग जाते थे। तो कभी-कभी किसी संदेश को पहुंचने में महीनों का समय भी लग जाता था।
आज हम इस फोन के द्वारा अपनी बात दूसरों तक कुछ ही सेकंड में पहुंचा सकते हैं। चाहे भले ही वह विश्व के किसी भी कोने में बैठा हो। यह छोटा सा स्मार्टफोन कलयुग का बादशाह बनता जा रहा है। यह छोटा सा फोन संसार की समस्त ज्ञान के भंडार के रूप में कार्य करता है। हमें किसी भी प्रकार की जानकारी चाहिए हो।
इस स्मार्टफोन के जरिए उपलब्ध हो जाती है। कहीं पर जाना हो तो मैप के द्वारा उसी स्थान पर पहुंच सकते हैं।यदि किसी भी व्यक्ति को 1 दिन बिना मोबाइल फोन के रहने को कहें तो उसे 1 दिन भी व्यतीत करने में अनेकों कठिनाइयां होगी। वह उस फोन के बिना रह नहीं सकता है।
हम इसके द्वारा खाना ऑर्डर कर सकते हैं। हम इसके द्वारा ऑनलाइन कपड़े मंगवा सकते हैं। हम यात्रा के तमाम साधनों रेल यात्रा हवाई यात्रा हो या बस यात्रा इन सभी यात्राओं को हम करने से पूर्व हम अपनी सीट रिजर्व कर सकते हैं। जिससे हमें कठिनाई ना हो। इसी तरह मोबाइल फोन के अनेकों लाभ हैं।
यह सभी सुविधाएं हमें आज इस आधुनिक स्मार्टफोन में उपलब्ध हैं। यदि हम उस जमाने के पुराने कीपैड फोन की बात करें तो वह इस स्मार्टफोन की तरह स्मार्ट नहीं था। परंतु उस समय उस फोन पर बात करना ही बहुत बड़ी बात थी। लोग अपने रिश्तेदारों से बात करने के लिए पीसीओ के सामने लंबी कतार में खड़े रहते थे।
इसके पहले जब फोन नहीं हुआ करता था। तो एक दूसरे तक संदेश पहुंचाना बहुत कठिन था। यदि किसी को संदेश पहुंचाना होता था। तो उसके लिए पोस्टमैन के द्वारा संदेश भेजा जाता था। और उस संदेश को पहुंचने में कुछ दिन लग जाते थे। तो कभी-कभी किसी संदेश को पहुंचने में महीनों का समय भी लग जाता था।
आज हम इस फोन के द्वारा अपनी बात दूसरों तक कुछ ही सेकंड में पहुंचा सकते हैं। चाहे भले ही वह विश्व के किसी भी कोने में बैठा हो। यह छोटा सा स्मार्टफोन कलयुग का बादशाह बनता जा रहा है। यह छोटा सा फोन संसार की समस्त ज्ञान के भंडार के रूप में कार्य करता है। हमें किसी भी प्रकार की जानकारी चाहिए हो।
इस स्मार्टफोन के जरिए उपलब्ध हो जाती है। कहीं पर जाना हो तो मैप के द्वारा उसी स्थान पर पहुंच सकते हैं।यदि किसी भी व्यक्ति को 1 दिन बिना मोबाइल फोन के रहने को कहें तो उसे 1 दिन भी व्यतीत करने में अनेकों कठिनाइयां होगी। वह उस फोन के बिना रह नहीं सकता है।
मोबाइल फोन के दुष्परिणाम
मोबाइल फोन के जितने फायदे हैं। तो उसके कुछ नुकसान भी हैं। मोबाइल फोन की वजह से लोग अपने रिश्तेदार तथा अपने करीबियों से दूर होते जा रहे हैं। वह पूरे दिन मोबाइल फोन में बिजी रहते हैं। कभी कभी तो लोगों को खाना खाने का भी ध्यान नहीं रहता है।
तो वह अपने दूर रहने वाले रिश्तेदारों से क्या बात करेंगे। इस मोबाइल से लोग अपने रिश्तेदारों तथा अपने रिश्तो से दूर होते जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बच्चों को देखें तो वह अपनी छुट्टियों के दिनों में अपने नाना-नानी तथा रिश्तेदारों के यहां घूमने के लिए जाते थे। लेकिन आज के इस युग में मोबाइल फोन की वजह से बच्चे तथा बड़ों को फुर्सत नहीं मिलती है।
बच्चे अपना पूरा दिन मोबाइल में व्यतीत करते हैं। उन्हें मोबाइल मिल जाए तो फिर उन्हें और किसी की आवश्यकता नहीं होती है। अपने माता-पिता को देखकर छोटे-छोटे बच्चे जो बोलना भी नहीं जानते हैं। उन्हें मोबाइल फोन चाहिए। वह उस पर वीडियो देखते हैं। और अपना समय व्यतीत करते हैं।
वहीं बड़ों को देखें तो वह अपना अधिकतर समय मोबाइल फोन में सोशल नेटवर्क साइट पर बिताते हैं। उनके बहुत सारे नए फ्रेंड बन जाते हैं। लेकिन वह अपने वास्तविक जीवन में कभी मिलते हैं। तो वह एक दूसरे को पहचान नहीं पाते हैं। यदि मोबाइल फोन ना होता तो बच्चे आज भी सोते समय अपनी दादी से कहते दादी आज भी किस्सा सुनाओ।
इस मोबाइल फोन की वजह से वह सभी बातें आज कोसों दूर होती जा रही हैं।आजकल के बच्चों को मोबाइल देखते देखते वही नींद आ जाती है। उन्हें दादी नानी की जरूरत नहीं होती है। एक समय था। जब बाग बगीचे बच्चों की चहल-पहल से गूंजते थे। परंतु अब वह सुनसान पड़े रहते हैं।
लोग भी अपने बच्चों को घरो से बाहर नहीं जाने देते हैं। मोबाइल की वजह से आज कल लोगों के पास को अपनेेे घर वालों के लिए समय नहीं रहता है। साथ ही दादी नानी घर में अकेली बैठी रहती हैं। बच्चों तथा बड़ों के पास उनके लिए समय नहीं रहता है।
आशा करता हूं। की आपको हमारे द्वारा लिखी गई यह पोस्ट Hindi essay on if there was no mobileपसंद आई होगी। यदि पसंद आए तो इसे अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करें।
तो वह अपने दूर रहने वाले रिश्तेदारों से क्या बात करेंगे। इस मोबाइल से लोग अपने रिश्तेदारों तथा अपने रिश्तो से दूर होते जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बच्चों को देखें तो वह अपनी छुट्टियों के दिनों में अपने नाना-नानी तथा रिश्तेदारों के यहां घूमने के लिए जाते थे। लेकिन आज के इस युग में मोबाइल फोन की वजह से बच्चे तथा बड़ों को फुर्सत नहीं मिलती है।
बच्चे अपना पूरा दिन मोबाइल में व्यतीत करते हैं। उन्हें मोबाइल मिल जाए तो फिर उन्हें और किसी की आवश्यकता नहीं होती है। अपने माता-पिता को देखकर छोटे-छोटे बच्चे जो बोलना भी नहीं जानते हैं। उन्हें मोबाइल फोन चाहिए। वह उस पर वीडियो देखते हैं। और अपना समय व्यतीत करते हैं।
वहीं बड़ों को देखें तो वह अपना अधिकतर समय मोबाइल फोन में सोशल नेटवर्क साइट पर बिताते हैं। उनके बहुत सारे नए फ्रेंड बन जाते हैं। लेकिन वह अपने वास्तविक जीवन में कभी मिलते हैं। तो वह एक दूसरे को पहचान नहीं पाते हैं। यदि मोबाइल फोन ना होता तो बच्चे आज भी सोते समय अपनी दादी से कहते दादी आज भी किस्सा सुनाओ।
इस मोबाइल फोन की वजह से वह सभी बातें आज कोसों दूर होती जा रही हैं।आजकल के बच्चों को मोबाइल देखते देखते वही नींद आ जाती है। उन्हें दादी नानी की जरूरत नहीं होती है। एक समय था। जब बाग बगीचे बच्चों की चहल-पहल से गूंजते थे। परंतु अब वह सुनसान पड़े रहते हैं।
लोग भी अपने बच्चों को घरो से बाहर नहीं जाने देते हैं। मोबाइल की वजह से आज कल लोगों के पास को अपनेेे घर वालों के लिए समय नहीं रहता है। साथ ही दादी नानी घर में अकेली बैठी रहती हैं। बच्चों तथा बड़ों के पास उनके लिए समय नहीं रहता है।
आशा करता हूं। की आपको हमारे द्वारा लिखी गई यह पोस्ट Hindi essay on if there was no mobileपसंद आई होगी। यदि पसंद आए तो इसे अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करें।
Really helpful essay, thankyou so much
ReplyDeleteThank you so much....it was needed for me...very helpful...thnx 😊😊
ReplyDeleteAmaizing
ReplyDeleteVery nice👍👏😊😊
ReplyDeleteBest💯👍👍💯 nibandh.
ReplyDeleteAwesome I liked it.💕💕
ReplyDeleteThank you so much😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰🥰😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍😍❤
ReplyDeleteEk no..
ReplyDeleteAwsome 👌👌👌👌👌👌
ReplyDeleteThank you very much.it is nice essay and it is very perfect for me.
ReplyDelete441224
DeleteThankyou
ReplyDeleteThank you bro
ReplyDeleteTy bro
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