Saturday, 21 March 2020

अनुशासन पर निबंध essay on anushasan in hindi

अनुशासन प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। अनुशासित व्यक्ति हर किसी को प्रिय लगता  लगता है। अनुशासित व्यक्ति अनेकों लोगों की प्रेरणा का स्त्रोत बनता है। अनुशासित व्यक्ति प्रत्येक क्षण अनुशासन में रहकर अपना कार्य करता है। यदि हम अनुशासन में रहकर अपने कार्य को ना करें।

तो हमारी दिनचर्या खराब हो जाती है। जिसके कारण हमें अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अनुशासित रूप से किया गया कार्य सही फल देता है। और जो कार्य अनुशासन की सीमा से बाहर रहकर किया जाता है। वह किसी न किसी रूप से हानिकारक होता है। यदि हम अनुशासित रूप से हमारे सभी कार्य को करते हैं।

इसका असर हमारे जीवन काल में देखने को मिलता है। अनुशासन में रहकर किया गया कार्य हमें नई राह प्रदान करता है। साथ ही एक अच्छे समाज का निर्माण करता है। जो  व्यक्ति अनुशासन से बाहर रहकर कार्य करते हैं। वह उन  व्यक्तियों की अपेक्षा अपने समय का सदुपयोग नहीं कर पाते हैं। जो कि अनुशासन मैं रहकर अपना कार्य करते हैं। 
जो व्यक्ति अनुशासन में रहकर कार्य नहीं करते है। उन व्यक्तियों की अपेक्षा  ऐसे व्यक्तियों को समाज में अधिक मान सम्मान मिलता है। जो समाज में अनुशासन मैं रहकर कार्य करते हैं  अनुशासन मानव समुदाय में प्रत्येक क्षेत्र में लागू होता है। और हमें अपने अनुशासन का पालन करना चाहिए।

इसका मतलब यह नहीं है। कि हम किसी अन्य व्यक्ति को अनुशासन का पालन करके दिखाएं। बल्कि हमें अपनी दिनचर्या तथा कार्य का पालन करते हुए हमें अपने जीवन में अनुशासन का पालन करना चाहिए।

अनुशासन में रहना 
हमें अपने जीवन में अनुशासन का पालन करना चाहिए। जिसके लिए हम कुछ तरीके अपना सकते हैं। 

हमें अपने द्वारा किए कार्य को समय पर संपन्न करना चाहिए। जिससे हमें आने वाले समय में किसी भी परेशानी का सामना ना करना पड़े ।

बेफिजूल कार्यों में अपना समय नहीं बताना चाहिए। अपने कार्य के प्रति ईमानदार रहना चाहिए।

अनुशासन में रखने के लाभ

अनुशासन प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण भाग हैं। अनुशासन में रहने पर हमें अनेकों प्रकार का लाभ होता है। जैसे मान मर्यादा आदि। हमारे लिए अनुशासन कितना महत्वपूर्ण है। इसका पता हम इस बात से लगा सकते हैं। कि यदि सेना का कोई सैनिक अपने कार्य को यदि अनुशासनहीन तरीके से करेगा।

तो इसका कितना घातक परिणाम हो सकता है। इसलिए रक्षा संबंधी क्षेत्रों में अनुशासन को सर्वाधिक महत्व दिया जाता है। इसी तरह विद्यार्थी जीवन में सफलता का मूल मंत्र अनुशासन है। अनुशासन में  रहकर किया गया अध्ययन सफलता की चाबी है। इसलिए छात्र जीवन में अनुशासन को अधिक महत्व दिया जाता है।

विद्यार्थी जीवन ही नहीं बल्कि मनुष्य को अपने संपूर्ण जीवन में अनुशासन के महत्व समझना चाहिए। और अनुशासन में रहकर ही अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए। जो व्यक्ति अपने जीवन में अनुशासन में रहकर कार्य करता है। वह व्यक्ति अनुशासनहीन व्यक्ति की अपेक्षा ज्यादा सफल व्यक्ति होता है।

अनुशासन एक और छात्रों के लिए सफलता की राह बनता है। वहीं दूसरी ओर काम करने वाले व्यक्ति के लिए और ऊंचाइयों तक पहुंचने की राह बनता है। यदि हम इन शब्दों को कुछ लाइनों में कहना चाहे तो कह सकते हैं। की अनुशासन व्यक्ति के जीवन में सफलता की राह है। इसी की राह पर चलकर वह अपने जीवन में सफलताओं को छू सकता है।

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कागज की आत्मकथा पर निबंध kagaz ki atmakatha in hindi

हेलो दोस्तों कैसे हैं। आप सभी आज की इस पोस्ट में हम Paper autobiography in hindi के बारे में जानेंगे। paper एक बहुत ही मूल्यवान वस्तु है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हम हमारे पूरे दिन की दिनचर्या में ना जाने कितनी बार कागज  का उपयोग करते हैं। कागज प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बच्चे हो या बड़े यह हर किसी के काम आता है। साथ ही यह बच्चे हों या बड़े सबको ज्ञान की प्राप्ति कराता है। बच्चों को यह एक स्कूली शिक्षा के रूप में ज्ञान प्राप्त कराता है। तथा बड़ों को यह धर्म शास्त्रों और ज्ञान ग्रंथों के द्वारा यह ज्ञान की प्राप्ति कराता है। हम दिन भर में ना जाने कितनी बार पेपर का उपयोग करते हैं। चलिए पढ़ते हैं। हमारे द्वारा लिखे गये कागज की आत्मकथा पर निबंध।

मैं कागज हूं। हर पढ़ने लिखने वाले छात्र के में काम आता हूं। देश दुनिया के प्रत्येक क्षेत्र में मेरा उपयोग किया जाता है। मेरा निर्माण पेड़ों से होता है। पढ़ने लिखने वाले छात्र का मैं हमेशा साथ निभाता हूं। मेरा स्वरूप अनेकों रूप में तैयार किया जाता है। 

जो रूप जिसको भाता है। उसी रूप में वह मुझको पता है। मेरा रूप तैयार हो जाने के बाद मुझे लेखक की कलम के द्वारा सहेजा जाता हैं। और फिर मुझे बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाता है। जहां पर मेरे जैसी और भी प्रतियां तैयार की जाती हैं।

उन सभी को एकत्रित कर के पुस्तक का रूप दे दिया जाता है। लोग मुझे अपनी आवश्यकता अनुसार मेरा उपयोग करते हैं। बच्चे हों या बड़े हर वर्ग के लोगों के मैं काम आता हूं। स्कूली बच्चों के मैं प्रतिदिन काम आता हूं। वह मुझसे प्रतिदिन कुछ ना कुछ ज्ञान का अर्जुन करते हैं।

साथ ही वह  लेखन के लिए चित्रकारी के लिए मेरा उपयोग करते हैं। मैं प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता हूं। मैं प्रत्येक व्यक्ति को काम आता हूं। साथ ही मैं प्रकृति को किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाता हूं। अनेकों व्यक्ति मेरा उपयोग सुबह  उठने से रात को सोने तक मेरा उपयोग करते हैं। 

मैं किसी ना किसी रूप में प्रत्येक व्यक्ति के जीवन से जुड़ा हुआ हूं। जमाना भले कितना आगे बढ़ जाए लेकिन मेरा उपयोग निरंतर होता रहेगा। मेरा उपयोग ऑफिसर तथा दफ्तरों में फाइलों के रूप में तथा दुकानदारों के पास मेरा उपयोग सामान पैक करने के रूप में होता है। 

छोटा हो या बड़ा पैकिंग का सामान मैं सबके काम आता  हूं। किसी भी शुभ कार्य में सबसे पहले मेरा उपयोग होता है। शुभ कार्य आमंत्रण पत्र के रूप में मेरा उपयोग किया जाता है। शिक्षा से लेकर दवाई तक मेरा उपयोग होता है। बदलते समय के साथ शिक्षा भले ही  डिजिटल हो जाए लेकिन मेरा उपयोग बंद नहीं होगा।

 मैं किसी न किसी रूप में हमेशा साथ रहूंगा। मैं घर में तमाम रूपों में रहता हूं। जैसे घर  में बने किसी गुलदस्ते के रूप में या घर में लगी किसी फोटो के रूप में रहता हूं। साथ ही किसी ना किसी रूप में मैं घर  की शोभा बढ़ाने का काम करताा हूं। यदि मेरा सदुपयोग किया जाए तो आपके बहुत से काम आ सकता हूं। 

लेकिन मेरा दुरुपयोग किया जाए और मुझे किसी कचरे वाले स्थान पर फेंक दिया जाए तो मैं आपके क्या काम आ सकूंगा। मैं घरों में प्राचीन ग्रंथों पुराणों तथा धार्मिक पुस्तकों के रूप में रहता हूं। बदलते समय के साथ यह जमाना भले ही कितना डिजिटल हो जाए लेकिन मेरा उपयोग बंद नहीं होगा। मैं आपके साथ तालमेल बनाकर  निरंतर चलता रहूंगा।

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यदि मोबाइल ना होता पर निबंध Hindi essay on if there was no mobile

हेलो दोस्तों कैसे हैं। आप सभी आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे कि यदि मोबाइल न होता पर निबंध। और जानेंगे कि मोबाइल होने से क्या क्या फायदे एवं क्या नुकसान हैं।

यदि मोबाइल न होता तो आज का युग इतना आधुनिक युग नहीं होता। इस संसार में प्रत्येक वस्तु का कोई लाभ तो कोई हानि होती है। उसी तरह मोबाइल फोन के बहुत सारे लाभ है। तो दूसरी ओर इस मोबाइल फोन के अनेकों नुकसान भी हैं।

आज के इस युग को आधुनिक युग में परिवर्तित करने में मोबाइल फोन कहीं ना कहीं बहुत बड़ी भूमिका अदा करता है। विकास की राह पर आज अधिकतर सभी वस्तुएं डिजिटल हो गई हैं। यदि यह मोबाइल न होता तो डिजिटल क्रांति लाना असंभव था। क्योंकि मोबाइल फोन ही है। जिसके द्वारा हम ऑनलाइन पैसा लेन देन कर सकते हैं।

हम इसके द्वारा खाना ऑर्डर कर सकते हैं। हम इसके द्वारा ऑनलाइन कपड़े मंगवा सकते हैं। हम यात्रा के तमाम साधनों रेल यात्रा हवाई यात्रा हो या बस यात्रा इन सभी यात्राओं को हम करने से पूर्व हम अपनी सीट रिजर्व कर सकते हैं। जिससे हमें कठिनाई ना हो। इसी तरह मोबाइल फोन के अनेकों लाभ हैं।

यह सभी सुविधाएं हमें आज इस आधुनिक स्मार्टफोन में उपलब्ध हैं। यदि हम उस जमाने के पुराने कीपैड फोन की बात करें तो वह इस स्मार्टफोन की तरह स्मार्ट नहीं था। परंतु उस समय उस फोन पर बात करना ही बहुत बड़ी बात थी। लोग अपने रिश्तेदारों से बात करने के लिए पीसीओ के सामने लंबी कतार में खड़े रहते थे।

इसके पहले जब फोन नहीं हुआ करता था। तो एक दूसरे तक संदेश पहुंचाना बहुत कठिन था। यदि किसी को संदेश  पहुंचाना होता था। तो उसके लिए पोस्टमैन के द्वारा संदेश भेजा जाता था। और उस संदेश को पहुंचने में कुछ दिन लग जाते थे। तो कभी-कभी किसी संदेश को पहुंचने में महीनों का समय भी लग जाता था।

आज हम इस फोन के द्वारा अपनी बात दूसरों तक कुछ ही सेकंड में पहुंचा सकते हैं। चाहे भले ही वह विश्व के किसी भी कोने में बैठा हो। यह छोटा सा स्मार्टफोन कलयुग का बादशाह बनता जा रहा है। यह छोटा सा फोन संसार की समस्त ज्ञान के भंडार के रूप में कार्य करता है। हमें किसी भी प्रकार की जानकारी चाहिए हो।

इस स्मार्टफोन के जरिए उपलब्ध हो जाती है। कहीं पर जाना हो तो मैप के द्वारा उसी स्थान पर पहुंच सकते हैं।यदि किसी भी व्यक्ति को 1 दिन बिना मोबाइल फोन के रहने को कहें तो उसे 1 दिन भी व्यतीत करने में अनेकों कठिनाइयां होगी। वह उस फोन के बिना रह नहीं सकता है।

मोबाइल फोन के दुष्परिणाम

मोबाइल फोन के जितने फायदे हैं। तो उसके कुछ नुकसान भी हैं। मोबाइल फोन की वजह से लोग अपने रिश्तेदार तथा अपने करीबियों से दूर होते जा रहे हैं। वह पूरे दिन मोबाइल फोन में बिजी रहते हैं। कभी कभी तो लोगों को खाना खाने का भी ध्यान नहीं रहता है।

तो वह अपने दूर रहने वाले रिश्तेदारों से क्या बात करेंगे। इस मोबाइल से लोग अपने रिश्तेदारों तथा अपने रिश्तो से दूर होते जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बच्चों को देखें तो वह अपनी छुट्टियों के दिनों में अपने नाना-नानी तथा रिश्तेदारों के यहां घूमने के लिए जाते थे। लेकिन आज के इस युग में मोबाइल फोन की वजह से बच्चे तथा बड़ों को फुर्सत नहीं मिलती है।

बच्चे अपना पूरा दिन मोबाइल में व्यतीत करते हैं। उन्हें मोबाइल मिल जाए तो फिर उन्हें और किसी की आवश्यकता नहीं होती है। अपने माता-पिता को देखकर छोटे-छोटे बच्चे जो बोलना भी नहीं जानते हैं। उन्हें मोबाइल फोन चाहिए। वह उस पर वीडियो देखते हैं। और अपना समय व्यतीत करते हैं।

वहीं बड़ों को देखें तो वह अपना अधिकतर समय मोबाइल फोन में सोशल नेटवर्क साइट पर बिताते हैं। उनके बहुत सारे नए फ्रेंड बन जाते हैं। लेकिन वह अपने वास्तविक जीवन में कभी मिलते हैं। तो वह एक दूसरे को पहचान नहीं पाते हैं। यदि मोबाइल फोन ना होता तो बच्चे आज भी सोते समय अपनी दादी से कहते दादी आज भी किस्सा सुनाओ।

इस मोबाइल फोन की वजह से वह सभी बातें आज कोसों दूर होती जा रही हैं।आजकल के बच्चों को मोबाइल देखते देखते वही नींद आ जाती है। उन्हें दादी नानी की जरूरत नहीं होती है। एक समय था। जब बाग बगीचे बच्चों की चहल-पहल से गूंजते थे। परंतु अब वह सुनसान पड़े रहते हैं।

लोग भी अपने बच्चों को घरो से बाहर नहीं जाने देते हैं। मोबाइल की वजह से आज कल लोगों के पास को अपनेेे घर वालों के लिए समय नहीं रहता है। साथ ही दादी नानी घर में अकेली बैठी रहती हैं। बच्चों तथा बड़ों के पास उनके लिए समय नहीं रहता है।

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